जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री का जन्मोत्सव भव्यता से संपन्न
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जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री का जन्मोत्सव भव्यता से संपन्न। मुजफ्फरनगर 2 अक्टूबर प्राप्त समाचार के अनुसार जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर फूल माला चढाकर एवं पुष्प अर्पित कर नमन किया
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने अपने जीवन एवं कर्मों से जो आदर्श स्थापित किए,उन्हें आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157वीं जयन्ती तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के 122वें जन्म दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी प्रशासनिक कार्यालय के भवन में जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस मौके पर जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर फूल माला चढाकर एवं पुष्प अर्पित कर नमन किया और ‘‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम‘‘ भजन को गुनगुनाकर राष्ट्रनायकों को याद किया।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने दोनों महान विभूतियों को नमन करते हुए जनपदवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने अपने जीवन एवं कर्मों से जो आदर्श स्थापित किए, उन्हें आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन में सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और अंतिम व्यक्ति के कल्याण का विशेष महत्व था।
उन्होंने कहा कि गांधी जी का अहिंसा एवं सहनशीलता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। किसी विवाद की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ क्षण स्वयं को संयमित रखना कई गंभीर परिस्थितियों को टाल सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन की आवश्यकताओं को समझते हुए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाने की भावना से कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन से जो संदेश दिया, उसे शासन की योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करना ही उनकी सच्ची श्रद्धा होगी। अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके, महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के प्रति यही सच्ची श्रद्धा होगी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री देश दीपक सिंह ने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उनके आदर्शों और योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और जनएकता के बल पर ऐसे समय में देश का नेतृत्व किया, जब अंग्रेजी शासन के पास अत्याधुनिक हथियार एवं संसाधन थे। उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से देशवासियों को एकजुट कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का स्वच्छता एवं अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा का विचार आज भी जनसेवा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से करते हुए गांधी जी के आदर्शों को व्यवहार में उतारना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने कठिन खाद्य संकट एवं युद्ध की परिस्थितियों में सादगी, नैतिकता और दृढ़ नेतृत्व का परिचय दिया। उनका जीवन ईमानदारी, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने कहा कि गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती महान विभूतियों के विचारों और मूल सिद्धांतों पर चिंतन-मनन करने का अवसर है। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धा होगी। शास्त्री जी को सादगी, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का प्रतीक थे, उनके आदर्शों को अपनाएं और बिना किसी भेदभाव के साथ अपने-अपने दायित्वों का सही निर्वहन करते हुए राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट श्री दीपक कुमार पाल कलेक्ट्रेट प्रशासनिक अधिकारी, कलेक्ट्रेट नाजीर, सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी/ कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री मनीष कुमार शर्मा ने किया।


