होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में दीपावली मेला एवं भव्य विरासत प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति की झलक
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होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में दीपावली मेला एवं भव्य विरासत प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति की झलक
मुजफ्फरनगर। होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में आज दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य दीपावली मेला एवं विरासत प्रदर्शनी- 2026 का आयोजन बड़े हर्षाेल्लास, उत्साह एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कलात्मक प्रतिभा, उद्यमशीलता तथा भारतीय संस्कृति और पारंपरिक विरासत के प्रति उनके जुड़ाव की शानदार झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. प्रेरणा मित्तल, समाजसेविका ममता अग्रवाल, पंडित संजीव शंकर, नीरू शर्मा, हर्षित बालियान, श्रीमती रोहतासकली, रेनू चौधरी, श्रीमती ममता चौधरी, प्रबंधक रीता दहिया एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मेले में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक सजावटी सामान, सुंदर दीपक, रंग-बिरंगी गेट बंदनवार, मनमोहक पेंटिंग्स, कलात्मक पोस्टर्स एवं विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और मेहनत से तैयार की गई वस्तुओं के माध्यम से कला, कौशल एवं आत्मनिर्भरता का परिचय दिया। मेले का प्रत्येक स्टॉल विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार का प्रतीक बना रहा।
इस आयोजन का सबसे विशेष एवं आकर्षक हिस्सा विरासत प्रदर्शनी रही, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने दादा-दादी एवं परिवार के बुजुर्गों के पास वर्षों से सुरक्षित रखी गई लगभग 40 से 100 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक एवं यादगार वस्तुओं को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में पुराने ट्रांजिस्टर, रेडियो, कैमरे, कोयले एवं भारी प्रेस, टॉर्च, पुराने पर्स, दुर्लभ सिक्के, लालटेन तथा दैनिक जीवन में कभी उपयोग की जाने वाली अनेक पारंपरिक वस्तुओं को स्थान दिया गया।
इन पुरानी वस्तुओं को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समय के पहिए को पीछे घुमाकर पुरानी पीढ़ियों के जीवन और उनकी जीवनशैली को करीब से देखने का अवसर मिल रहा हो। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने इस प्रदर्शनी में विशेष रुचि दिखाई। बुजुर्गों की यादों से जुड़ी इन वस्तुओं ने नई पीढ़ी को अपने अतीत, पारिवारिक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया।
सभी अतिथियों ने दीपावली मेले एवं विरासत प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और ऐतिहासिक धरोहरों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों, मेहनत एवं आत्मविश्वास की विशेष रूप से सराहना की।
विद्यालय प्रबंधक रीता दहिया एवं प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कारों, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना है। दीपावली मेला एवं विरासत प्रदर्शनी इसी उद्देश्य की एक सार्थक पहल है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं रिश्तों और विरासत के प्रकाश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी उत्सव है।
